मुंह दिखाई का नेग

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रीना जब पहली बार ससुराल गई, तो अजब ही रस्म देखी।जुलाई की चिपचिपी गर्मी, उमस भरा मौसम, और उस पर दुल्हन के भारी-भरकम कपड़े, ज्वैलरी। आते ही सास ने दहलीज पर आरती नहीं उतारी, सीधा पूजा-घर में ले गईं और एक घंटे तक पूजा-होम करवाया। तब जाकर नहाने को मिला।नहाकर उसने हल्की साड़ी पहन ली, और भारी ज्वैलरी की जगह हल्की पहन ली। जेठानी ने देखा तो तुरंत सास के कान भर दिए। सास गुस्से में तमतमाती आईं — "हमारे यहाँ मुँह दिखाई की रस्म होती है। फिर से तैयार हो जाओ दुल्हन की तरह। घूँघट लंबा करना, नाक से