‘‘अबे! कहा न, घुटने को देख। घुटना कहीं का! सिर उठाया, तो मुर्गा बना दूूंगा।’’ मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शाम को सीनियर छात्र यश ने जूनियर सरेश को लताड़ा।‘‘जी-जी, देख ही रहा हूं। कितना घुटने को देखता रहूंगा?’’ सरेश झल्लाकर बोला।सरेश को झल्लाता जानकर उसका जूनियर साथी सुरेश कोहनी मारकर उसको चेताया,‘‘जी के साथ ‘सर’ लगा मूर्ख! तुझे पता नहीं, सीनियर को ‘सर’ बोला जाता है। इसी बात पर वे तुझे रगेद देंगे।’’इतने में दूसरा सीनियर-मनोज सामनेवाले चेयर पर पैर फैलाया और अपनी बढ़ी हुई दाड़ी पर सगर्व हाथ फेरा,‘‘सीनियर से बात करते समय ‘घुटना देखने और ‘सर’ बोलने का