वृंदावन में यमुना किनारे मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। मीरा को बचपन से ही राधा रानी से बहुत प्रेम था। वह हर दिन सुबह उठकर यमुना में स्नान करती और फिर राधा-कृष्ण के मंदिर में फूलों की माला बनाकर ले जाती थी। उसकी बनाई हुई माला सबसे सुंदर होती थी, क्योंकि वह उसमें अपना पूरा प्रेम डाल देती थी।मीरा बहुत गरीब थी, लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था। उसके पास धन नहीं था, पर भक्ति बहुत थी। एक बार वृंदावन में बहुत बड़ा उत्सव होने वाला था। दूर-दूर से लोग राधा अष्टमी के उत्सव में आ रहे थे।