बौना जिन्नअध्याय 1: मिट्टी का पुराना चिराग और एक अजीब मेहमानगाँव के एक छोटे से और पुराने घर में संजना अपनी बीमार माँ के साथ रहती थी। संजना बहुत ही समझदार और पढ़ने-लिखने की शौकीन लड़की थी। वह आगे कॉलेज जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती थी, लेकिन उसके परिवार की आर्थिक तंगी और रूढ़िवादी रिश्तेदारों ने उसकी शादी एक ऐसे अमीर घर में तय कर दी थी, जो लड़की की पढ़ाई लिखाई के बिल्कुल खिलाफ थे। संजना रोज रात को अकेले बैठकर अपनी किस्मत पर रोती थी।एक दिन जब संजना घर की पुरानी कोठरी की सफाई कर रही थी,