PART 3 — आखिरी वादाशादी की शहनाई अब भी बज रही थी, लेकिन घर के अंदर हर किसी के चेहरे से खुशी गायब हो चुकी थी। हार्दिक जमीन पर बेहोश पड़ा था और प्रियांक उसे अपनी बाँहों में उठाए लगातार कह रहा था, “भैया... आँखें खोलो। आज मेरी शादी है। आपने ही तो कहा था कि मेरी शादी अपनी आँखों से देखोगे। अब ऐसे कैसे चले जाओगे?” यज्ञी एक कोने में खड़ी काँप रही थी। उसकी आँखों से आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। कुछ देर बाद एम्बुलेंस आई और हार्दिक को अस्पताल ले जाया गया। प्रियांक उसके