दो धड़कनें, एक वादा - 2

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PART 2 — रिश्तों का इम्तिहानसुबह की पहली किरण खिड़की से कमरे के अंदर आ रही थी। प्रियांक अभी गहरी नींद में सो रहा था, जबकि यज्ञी रसोई में चाय बना रही थी। तभी उसकी नजर आँगन में बैठे हार्दिक पर पड़ी। वह अकेला बैठा था और उसके हाथ में एक कागज था। चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन आँखों में थकान साफ दिखाई दे रही थी। यज्ञी धीरे-धीरे उसके पास गई और बोली, “भैया?” हार्दिक ने तुरंत कागज मोड़कर अपनी जेब में रख लिया और मुस्कुराते हुए पूछा, “अरे यज्ञी, तुम कब आई?” यज्ञी ने कहा, “अभी... प्रियांक सो रहा