हुक्म और हसरत एपिसोड 21 — एक पिता का डर ️#Arsia"अब आगे…”किसी के कदमों की आहट पूरे कमरे में गूँज उठी।अर्जुन तुरंत अपनी जगह से उठकर सिया के बेड के सामने आकर खड़ा हो गया, जैसे दुनिया की हर मुसीबत से उसे अपनी ढाल में छिपा लेना चाहता हो। ️सिया ने दरवाज़े की तरफ़ देखा...और उसके होंठों पर हल्की-सी मुस्कान आ गई। "आप... आ गए?" ️दरवाज़े पर खड़ा वह शख्स कुछ पल तक सिया को देखता रहा।उसके चेहरे पर चिंता साफ़ झलक रही थी।अगले ही पल उसकी आँखों में छिपा डर साफ़ दिखाई देने लगा।वो कोई अजनबी नहीं था...वो