अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 57 : शहर में खुली अधूरी किताबशहर की रात हमेशा की तरह रोशनी से भरी हुई थी।सड़क पर गाड़ियाँ दौड़ रही थीं। लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे। दुकानों के बाहर भीड़ थी और आसमान में शहर की रोशनी के कारण सितारे तक साफ दिखाई नहीं दे रहे थे।किसी को अंदाज़ा नहीं था कि उसी शहर में...एक ऐसी चीज़ आ चुकी थी जो इंसानी दुनिया की नहीं थी।एक लड़की सड़क के किनारे खड़ी थी।उसके हाथ में एक पुरानी किताब थी।अधूरी किताब।उसने किताब खोली।पहले पन्ने पर लिखा था—"अधूरी किताब..."लड़की ने धीरे से दूसरा पन्ना पलटा।उस पर