शक्ति ने दूर जाती हुई उस बस की तरफ आख़िरी बार देखा, फिर अलिशा की ओर मुड़ी।"तुम उस आदमी का पीछा करो। पता करो वो कहाँ जाता है और किससे मिलता है।"अलिशा ने तुरंत सिर हिलाया।"जी दीदी।"अलिशा उसी दिशा में आगे बढ़ गई।शक्ति की नज़र अब शिवानी पर थी।उसके मन में कई सवाल उठ रहे थे।वह शिवानी के साथ चलने लगी!कुछ देर बाद शक्ति ने सहजता से पूछा—"वैसे... उस दिन तुम्हारे साथ तो बहुत लोग थे। आज तुम अकेली?"शिवानी सब्ज़ियाँ देखते हुए बोली—"हाँ, अक्सर मेरे भाई काम में busy रहते हैं। और आज कामाक्षी के पेट में दर्द था... उसे