---------------चारू के लाख जतन करने पर भी अमर उसे लेकर कार मे आ जाता है। वो उसे आराम से कार मे बिठाया है। और झुक कर उसके पैरो के पास उसकी सैंडल रख देता है। अमर के कंधे चारू के घूटने से हल्का स्पर्श कर रहे थे। स्पर्श कुछ क्षणो का ही था किंतु चारू के शरीर मे तरंगे उत्पन्न करने के लिए काफी था। अमर घूम कर गाडी की दूसरी तरफ चला गया तो चारू की सांस मे सांस आई। वो सीट से टक्कर बैठ गई। अमर ड्राइविंग सीट पर आकर बैठ गया। उसने इगंशन ओन किया और गाडी चालू हो