सजा.....बिना कसूर की - 11

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और जैसे ही दरवाजा खुलता है...सब लोग अंदर प्रवेश कर जाते हैं और अंदर जो नजारा था उसे देखकर सभी लोग हैरान हो जाते है।बेडशीट पर लगा खून ! बेड पर बिखरी  टूटी चूड़ियां !बिखरा कमरा !लड़खड़ाता आकाश और डर से कांपती हुई भूमि !सभी की आंखों में आश्चर्य था और जुंबा पे सवाल --क्या हुआ होगा  और क्यों  ???आकाश की मम्मी और भाभी दौड़कर आकाश के पास पहुंचते हैं और कहते हैं -क्या हुआ आकाश?यह क्या हाल बना रखा है अपना !!बताओ क्या हुआ है??आकाश अपनी मम्मी से लिपट जाता है उसकी आंखें नम हो जाती है।भर-भरी सी आवाज़