Shakti ke Shiv - 20

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रात काफी बीत चुकी थी, लेकिन शक्ति की आँखों में नींद का नाम तक नहीं था।वह अपने कमरे में अकेली बैठी थी। सामने केस की फाइल खुली थी और उसकी नज़र बार-बार उसी नंबर पर जाकर रुक रही थी।वही नंबर...जिससे उसे फोन आया था।शक्ति ने फोन हाथ में उठाया और स्क्रीन को देखते हुए सोचने लगी—"आख़िर उसने मुझे फोन किया ही क्यों?"अगर वो सच में इतना चालाक था, तो खुद पुलिस को सुराग देने की जरूरत क्या थी?वो चाहता तो उस फोन को हमेशा के लिए गायब कर सकता था।चाहता तो warehouse से भी भाग सकता था।फिर खुद अपनी मौजूदगी