समाज और प्यार का द्वंद - भाग 1

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अध्याय 1सदियों से द्वंद रहा है न दुनिया वालों और युवाओं के बढ़ती उम्र और इच्छाओं के बीच खासकर बात की जाएं तो प्रेमी युगलों के बीच ये समाज कभी उनका प्रेम स्वीकार ही नहीं पाया परिणामतः या तो प्रेम बिछड़ जाता है समाज के डर से या फिर उन्हें समाज के प्रतिष्ठ ठेकेदारों द्वारा अलग कर दिया जाता है कही न कहीं वो मज़बूर हो जाते है प्रेम विवाह करने या परिवार की इच्छा के विरुद्ध जाने के आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रही हूं जो दो प्रेमियो की समाज के द्वंद को भली भाँति प्रकट