रिश्ते की डोर

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रिश्ते की डोरकभी-कभी रिश्ते खून से नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम, धैर्य और समझ से मजबूत होते हैं। कुछ रिश्ते दिखाई नहीं देते, फिर भी उनके बीच एक ऐसी अदृश्य डोर बंधी होती है, जो वर्षों की दूरी, गलतफहमियों और कठिनाइयों के बाद भी उन्हें एक-दूसरे से जोड़े रखती है।यह कहानी उसी डोर की है।एक शांत-से छोटे शहर में हरे-भरे खेतों और पुराने पेड़ों के बीच एक दो मंजिला मकान था। मकान बहुत बड़ा नहीं था, न ही उसमें महँगा फर्नीचर था। लेकिन उस घर में प्रवेश करते ही एक अलग-सी गर्माहट महसूस होती थी।उस घर की दीवारों में वर्षों की