उस रहस्यमयी मैसेज के बाद आरव की पूरी रात जागते हुए बीती। कमरे की छत को घूरते हुए उसके दिमाग में तरह-तरह के सवाल आंधी की तरह उठ रहे थे। एक तरफ रिया की वह मासूम, बेबाक और सच्ची लगने वाली मुस्कान थी, तो दूसरी तरफ वह अनजान मैसेज का खौफनाक ताना-बाना। आरव ने खुद को बार-बार समझाने की कोशिश की कि शायद कोई उसे और रिया को अलग करने की साज़िश रच रहा है, लेकिन रिया का फोन लगातार बंद मिलना उसके शक को हवा दे रहा था। नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी और घड़ी की टिक-टिक