बीते कुछ हफ़्तों में आरव की जिंदगी पूरी तरह से करवट ले चुकी थी। जो इंसान कभी अपनी ही तन्हाई को अपना साथी मानता था और लोगों से दूरी बनाकर रहता था, अब सुबह आँख खुलते ही सबसे पहले रिया का ख्याल उसके चेहरे पर एक गहरी और मीठी मुस्कान ले आता था। रिया की चंचलता और उसकी बातें आरव के दिल में इस कदर बस चुकी थीं कि अब उसे अपनी हर खुशी रिया के बिना अधूरी लगने लगी थी। आरव ने मन ही मन यह अटूट फैसला कर लिया था कि आज की शाम वह अपने दिल का