हुक्म और हसरत #Arsia"अब आगे..."कमरे में कुछ पल के लिए ऐसा सन्नाटा छा गया था, मानो वक्त भी वहीं ठहर गया हो। सिर्फ मॉनिटर की बीप... बीप... की आवाज़ उस खामोशी को चीर रही थी। विवेक अंदर आया — और सामने का नज़ारा देखकर उसके कदम वहीं थम गए।महल का सबसे ठंडा और रहस्यमयी आदमी... जो कभी किसी को छूने तक नहीं देता था... आज एक टूटती हुई लड़की को अपनी गोद में समेटे बैठा था। उसकी उंगलियाँ सिया के सिर पर बेहद नर्मी से फिर रही थीं, जैसे ज़रा-सी लापरवाही उसे फिर दर्द दे देगी।️अर्जुन की आँखों की कठोरता