शिवाय ने जैसे ही शक्ति की ओर अपना हाथ बढ़ाया...उसी पल गंगा की तेज़ लहर ने अपना रुख बदल दिया।पानी का बहाव शक्ति को शिवाय से दूर, दूसरी ओर खींच ले गया।शक्ति ने खुद को रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी का जोर उसके प्रयासों पर भारी पड़ रहा था।"बचाओ...!""हेल्प!"उसकी आवाज़ घाट तक साफ़ सुनाई दे रही थी।शिवाय तुरंत सीढ़ियों पर वापस चढ़े।उन्होंने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और शिवानी की ओर बढ़ाते हुए कहा—"इसे संभालो।"इतना कहकर वह दोबारा गंगा की ओर बढ़ गए।"भाई सा... संभलकर!"शिवानी की आवाज़ पीछे से आई।लेकिन शिवाय को जैसे कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा