बावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेबावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेआधे से अधूरे से बिन तेरे हम हुएफीका लगे है मुझको सारा जहाँबावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेयह कैसी खुशी हैजो मोम सी हैआँखों के रास्ते हँसके पिघलने लगीमन्नत के धागे ऐसे हैं बाँधेटूटे ना रिश्ता जुड़के तुझसे कभीटूटे ना रिश्ता जुड़के तुझसे कभीसौ बालाए ले गया तू सर से रेनैना ये मल्हार बनके बरसे रेमैं काग़ज़ की कश्ती तू बारिश का पानीऐसा है तुझसे अब ये रिश्ता मेरातू है तो मैं हूँ तू आए