शालिनी के बेडरूम का दरवाजा बंद होने की आवाज़ राघवन के लिए किसी गिलोटीन की तरह थी, जो उसके पूरे संसार को दो हिस्सों में बांट चुकी थी। उस बंद दरवाजे के पीछे का सन्नाटा किसी भी शोर से ज्यादा डरावना था। लिविंग रूम में राघवन खड़ा था, उसका शरीर जड़वत हो चुका था, और दिमाग में विचारों का एक ऐसा बवंडर था जिसने उसे पूरी तरह बेबस कर दिया था। उसने मीरा को बाहर जाते देखा था, उसे रोकने का खयाल उसके मन में आया था, लेकिन उसके हाथ कांप रहे थे। यह सिर्फ डर नहीं था, यह उस