एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 3

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शहर की रफ्तार अपनी नियमित गति से आगे बढ़ रही थी, लेकिन राघवन और मीरा के जीवन में समय जैसे एक अनचाहे ठहराव पर आकर थम गया था। पिछले अध्याय की उस रात के बाद, दोनों के बीच की दूरियां अब केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्तर पर भी एक नए मुहाने पर आ खड़ी हुई थीं। आधुनिक महानगर की यह विडंबना ही है कि यहाँ इंसान के पास सब कुछ होने के बावजूद अपनों के लिए एक अदृश्य दीवार होती है, जिसे लांघने के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।दोपहर की ढलती धूप राघवन के उस