एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 2

सुबह की पहली किरण जब खिड़की के उन मोटे पर्दों को चीरती हुई कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो उसने किसी स्वागत का संदेश देने के बजाय केवल इस बात की गवाही दी कि एक और लंबा, उलझनों से भरा दिन शुरू हो चुका है। राघवन की आँखें खुली थीं। वह पिछले कई घंटों से छत पर बने सीलिंग फैन के परों को घूमते हुए देख रहा था। उसके बगल में, बिस्तर के दूसरे हिस्से पर मीरा गहरी नींद में सो रही थी। उसके बिखरे हुए बाल और चेहरे पर छाई एक अनाम सी शांति इस बात का अहसास करा