एक आम सी प्रेम कहानीभाग - ८लेखिका "अनामिका" °निहारिका का नज़रिया मौसम में आज एक अलग ही मिठास थी। कॉलेज जाने के रास्ते पर निहारिका के कदम ज़मीन पर कम और हवा में ज़्यादा महसूस हो रहे थे। पहले प्यार का नया-नया अहसास इंसान को बिना बात मुस्कुराने पर मजबूर कर ही देता है। वह मन ही मन मलय की पुरानी बातों, उन छोटे-छोटे कॉल्स और देर रात तक चले मैसेजेस के बारे में सोचकर खिलखिला रही थी।तभी बाज़ार के मोड़ पर उसकी नज़र ठिठक गई। सामने भीड़ के बीच वही खड़ा था, लेकिन अकेला नहीं। उसके साथ एक लड़की थी। वह