अधूरी किताब - सीजन 2 - एपिसोड 50

  • 1.9k
  • 714

अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 50: प्रेम का आख़िरी शब्दआरव अंधकार में गिरता जा रहा था।चारों तरफ़ सिर्फ़ काला शून्य था।न ऊपर आसमान...न नीचे ज़मीन...न कोई आवाज़...लेकिन उसके कानों में अभी भी अनन्या की आवाज़ गूँज रही थी—"आरव!"वह उसे पुकार रही थी।आरव ने हाथ आगे बढ़ाया।"अनन्या..."लेकिन उसकी उँगलियाँ केवल अंधेरे को छू पाईं।फिर अचानक...अंधकार में एक हल्की रोशनी दिखाई दी।आरव उसी रोशनी की तरफ़ बढ़ने लगा।जैसे-जैसे वह उसके करीब पहुँचा...उसे एक पुराना कमरा दिखाई दिया।कमरे के बीच एक लकड़ी की मेज़ थी।मेज़ पर वही अधूरी किताब रखी थी।और उसके सामने...एक लड़का बैठा था।आरव कुछ कदम आगे बढ़ा।उसका दिल अचानक तेज़