चांदनी लेखिका: वंदना शर्मायह कहानी एक ऐसी लड़की की है जो बचपन से ही जिद्दी और बड़बोला थी। चार भाई-बहनों में सबसे छोटी होने के कारण उसे अत्यधिक लाड-प्यार मिला था। इसी लाड में वह थोड़ी बिगड़ भी गई थी। उसके पापा भी बात को बहुत सफाई से घुमाकर बोलते थे। शायद इसी कारण चांदनी भी बचपन से ही झूठ बोलने में माहिर हो गई थी। वह इतनी सफाई से झूठ बोलती कि पकड़ना मुश्किल हो जाता, पर ज्यादा बोलने वाले अक्सर खुद ही अपनी पोल खोल देते हैं और उसका भी यही होता।चांदनी का व्यक्तित्व आकर्षक था। पतली-दुबली, लंबी, हिरनी