सजा.....बिना कसूर की - 10

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यह 13 साल पहले वाली भूमि नहीं थी।13 साल पहले वह मासूम थी किसी हैवान से लडने की ताकत नहीं थी उसमें पर अब...अब वह एक सशक्त  नारी है कोमल थी पर कमजोर नहीं थी।आकाश को  यु अपनी और झपटते देख वह डरी नहीं  उसने अपनी पूरी ताकत से आकाश को जोर से धक्का देने की कोशिश की इसी झूमा झटकी  में भूमि के हाथ की कुछ चूड़ियां टूट कर बिखर गई कुछ उसके हाथों में चुभ गई कुछ आकाश के हाथों में चुभ गई ।चुभी हुई चूड़ियों के कारण दोनों के हाथों से खून निकलने लगा और कुछ  बेडशीट पर