नामुमकिन इश्क - एपिसोड 27

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एपिसोड 27– रहस्यमयी मेहमानसिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मुख्य गेट पर रुकी काली लग्ज़री कार ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ़ खींच लिया।जैसे ही कार का दरवाज़ा खुला, लगभग पचपन-साठ साल के एक प्रभावशाली व्यक्ति बाहर उतरे। सफेद कुर्ता-पायजामा, कंधे पर हल्का-सा शॉल और चेहरे पर ऐसा रौब कि सामने वाला अनायास ही सम्मान से खड़ा हो जाए।उन्हें देखते ही हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राजीव मल्होत्रा और बाकी सीनियर डॉक्टर आगे बढ़ गए।"नमस्ते, न्यायमूर्ति वशिष्ठ जी।"आयत ने दूर से यह नाम सुना तो उसकी नज़र भी उसी तरफ़ चली गई।"वशिष्ठ...?"उसने धीरे से खुद से कहा।उधर अर्जुन तुरंत आगे बढ़ा।वह