बादल ने थोडी देर राह देखी की बारिश रूक जाए, या तो पड़ोसी के गाने बंद हो जाए। पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। उसे लगा की उसे खुद ही पड़ोसी के घर जाना पड़ेगा। पर बरसात भी काफी तेज हो गई थी,ओर वो अपने घर से बाहर कदम रखते ही भीग जाएगा। उसने सोचा अगर वह नही गया तो गाने बजते रहेंगे और उसकी पढ़ाई डिस्टर्ब होती रहेगी। उसने अपने शरीर पर कपड़ा लपेटा और बारिश पसंद न होने के बावजूद वह जाने लगा। बादल कॉलेज के तीसरे वर्ष में था। पढाई में काफ़ी तेज़ था,