जैसी करनी वैसी भरनी सुन कर बड़ा दुःख हुआ था कि मेरा एक पुराना सहयोगी राकेश सोलंकी दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल के आई सी यू में काफी सीरियस हालत में भर्ती कराया गया है . एक दूसरा पुराना मित्र जो उसे देखने के लिए गए गया कुछ मिनट ही शीशे से ही देख पाया था, उसने पाया कि राकेश सोलंकी सिर्फ हड्डी का ढांचा मात्र रह गया है. उस हालत में उसका व्हाट्स एप ग्रुप पर शेयर किया फोटो देख कर बहुत तकलीफ हुई. मन में आया अच्छा होता वह फोटो शेयर न करता. उसके पहले चेहरे और अब में