अनामिका - 1

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अनामिका विजयनगर के एक छोटे से गाँव से एक लड़की महाविद्यालय में प्रवेश लेने आई। नाम था उसका अनामिका। पतली लंबी, घुंघराले बाल, साधारण सा व्यक्तित्व। हिंदी विभाग में गई और सुरभि प्राध्यापिका को अपना फॉर्म देते हुए बोली - "मैम मुझे एम.ए करना है।" सुरभि प्राध्यापिका ने पूछा - "गाँव से इतनी दूर रोज क्लास लेने आ पाओगी?" अनामिका ने दृढ़ संकल्प के साथ कहा - "जी मैम जरूर आऊँगी। मुझे अपनी पहचान बनानी है।" सुरभि प्राध्यापिका ने उसे शाबाशी दी और साहित्य की कुछ किताबें पढ़ने के लिए दीं। "कल सुबह 9 बजे आना है।"अनामिका बहुत खुश थी। जैसे उसके सपनों को