मौत बनके आया प्यार - 5

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# एपिसोड 5: जंजीरों की कैद और कर्मों की सजाविक्रम की चिता की आग अभी ठीक से ठंडी भी नहीं हुई थी कि फाजिल्का के उस घर में एक और ज़िंदा इंसान राख बन गया। पिता की मौत के उस गहरे सदमे ने आर्यन के दिमाग की आखिरी नस भी तोड़ दी, जो उसे इस दुनिया की हकीकत से जोड़े रखती थी।अब वो पुराना आर्यन कहीं खो चुका था। उसका मानसिक संतुलन पूरी तरह से बिखर चुका था। वह रात-रात भर जागकर बिना पलक झपकाए घर के बंद दरवाज़े को बस घूरता रहता। फिर अचानक एक दिन, किसी सुधि-बुधि के