चेतना का त्रिकोण

(27)
  • 882
  • 1
  • 234

चेतना का त्रिकोण वेदांत 2.0द्रष्टा • दृश्य • दर्शनद्वन्द्व, द्वैत और अद्वैत का एक समकालीन दर्शन चेतना का त्रिकोण एक समकालीन दार्शनिक ग्रंथ है, जो वेदांत 2.0 के अंतर्गत चेतना, अनुभव और मानव जीवन की एक नई व्याख्या प्रस्तुत करता है। इस पुस्तक का केंद्रीय प्रतिपादन द्रष्टा–दृश्य–दर्शन (The Triangle of Consciousness) है, जिसके माध्यम से द्वन्द्व, द्वैत और अद्वैत को चेतना की एक सतत विकास-यात्रा के रूप में समझाया गया है। यह ग्रंथ किसी नए धर्म, संप्रदाय या अंतिम सत्य का दावा नहीं करता। इसका उद्देश्य प्राचीन वेदांत के साथ संवाद करते हुए आधुनिक दर्शन, मनोविज्ञान, विज्ञान और चेतना-अध्ययन के