Episode 14 – जब रिश्ता अपना नाम ढूँढने लगे कुछ रिश्तेशुरू होने से पहले हीबहुत कुछ सह लेते हैं।शायद इसलिएवे टिक जाते हैं।पिछले कुछ दिनों सेPriyam के जीवन मेंएक अजीब-सा संतुलन आ गया था।न बहुत ज़्यादा उम्मीद,न बहुत ज़्यादा डर।बस एक स्थिरता—जैसे किसी लंबे तूफ़ान के बादसमुंदर का अचानक शांत हो जाना।वह अब हर बात कोदिल पर लेने से पहलेएक बार सोचती थी।शायद इसलिएअब उसके भीतरशोर कम था।वह अपने काम पर ध्यान देने लगी थी,अपनी पढ़ाई,अपने छोटे-छोटे सपनों पर।सुबह उठकरखुद के लिए चाय बनाना,खिड़की से आती धूप कोकुछ सेकंड महसूस करना—ये सब छोटी चीज़ेंअब उसे बड़ा सुकून देने लगी थीं।और इसी