बुजुर्ग की आंखों से बहते आंसू अब उनकी सफेद दाढ़ी को भिगो रहे थे।उन्होंने एक लंबी सांस ली और उस रात का वह खौफनाक मंजर बयान करना शुरू किया, जिसने एक देवता जैसे इंसान को शैतान बना दिया। यह कहानी केवल एक हत्या की नहीं, बल्कि उस विश्वासघात की है जिसने इस पूरी पहाड़ी को अभिशप्त कर दिया।उम्मीदों का फूलों वाला रास्ताअमावस्या की वह रात थी, लेकिन कल्याण सिंह (कालू) के दिल में पूर्णिमा जैसा उजाला था। वह अपनी धुन में मगन था। उसने पूरे दिन की मेहनत के बाद पहाड़ियों से सबसे सुंदर और सुगंधित जंगली फूल जमा किए थे। उसने