एक आम सी प्रेम कहानी भाग-३लेखिका "अनामिका"भाग-३: पन्नों की खुशबू और एक खट्टी-मीठी तकरार°लड़के का नजरिया (मलय - कॉलेज सेकंड ईयर स्टूडेंट)किताबों की उस भीनी-भीनी खुशबू के बीच मैं काउंटर पर अपनी बिलिंग का इंतजार कर रहा था। तभी अचानक कोई मुझसे आकर टकराया। मैं थोड़ा झल्लाकर मुड़ा, लेकिन सामने देखते ही मेरी सारी शिकायत हवा हो गई—यह वही लड़की थी! किस्मत शायद आज मुझ पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान थी। इस बार मैंने मौका हाथ से जाने नहीं देने का फैसला किया। जैसे ही उसने काउंटर पर अपनी किताब रखी, मैंने अपनी किताब भी उसके ठीक बगल में टिका दी