नामुमकिन इश्क - एपिसोड 17

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एपिसोड 17– एक गलतफ़हमी की शुरुआतशाम के छह बजने में अभी पाँच मिनट बाकी थे।हॉस्पिटल की ट्रेनिंग खत्म हो चुकी थी। ज़्यादातर डॉक्टर अपने-अपने केबिन में जा चुके थे और कई मरीज भी आराम कर रहे थे। हॉस्पिटल के पीछे बने छोटे-से गार्डन में हल्की ठंडी हवा चल रही थी।उधर आयत अपना बैग उठाने लगी।तभी उसे बैग की चेन के अंदर एक मुड़ा हुआ कागज़ दिखाई दिया।"ये क्या है...?"उसने हैरानी से कागज़ खोला।उस पर लिखा था—"आज शाम ठीक छह बजे हॉस्पिटल गार्डन में मिलना। कुछ ज़रूरी बात करनी है। — अर्जुन"आयत कुछ पल तक उस कागज़ को देखती रह गई।उसके