[54]“सारी तैयारियां हो चुकी है। आप दोनों कल भोर होते ही अपने अभियान पर निकल सकते हो।” विजेंदर ने सूचना दी। शैल ने कह, “सब कुछ सज्ज हैं न? कोई त्रुटि तो नहीं रह गई? एक बार पुन: सब देख लेना।”“निश्चिंत रहिए महोदय। मैं दो बार सब देख चुका हूँ।”“ठीक है। सारा जी, कल प्रात: यहाँ से वह आश्रम तक वाहन से जाएंगे। पश्चात नदी के मार्ग पर अपनी यात्रा और अन्वेषण प्रारंभ करेंगे।” “ठीक है, शैल।” “आपके उत्तर में ऊष्मा और ऊर्जा दोनों का अभाव प्रकट हो रहा है। क्या बात है?” “क्या हमारा अभियान सात दिनों में सम्पन्न हो जाएगा?” “मैं नहीं जानता।” “सात