नामुमकिन इश्क - एपिसोड 14

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एपिसोड 14– पहली ड्यूटी, पहला साथ और पहली साज़िशसिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के कॉन्फ्रेंस हॉल में सभी तीस छात्र खड़े थे। सफेद कोट पहने हर किसी के चेहरे पर उत्साह और घबराहट दोनों साफ़ दिखाई दे रहे थे।डॉ. आदित्य राठौर ने सभी की ओर देखते हुए कहा,"आज से आप लोग सिर्फ़ स्टूडेंट नहीं हैं। आज से आप भविष्य के डॉक्टर हैं। यहाँ एक छोटी-सी लापरवाही भी किसी की ज़िंदगी पर भारी पड़ सकती है। इसलिए याद रखिए—यहाँ अहंकार नहीं, अनुशासन चलेगा।"पूरा हॉल शांत हो गया।कुछ देर बाद सभी छात्रों को अलग-अलग यूनिट में बाँटना शुरू किया गया।एक-एक करके नाम पुकारे