राहें - 11

समय-चक्रनितिन चिल्लाते हुये पत्नी से बोला - आज भाभी के मायकेवाले बिना खाना खाये चले गये, तुम खाना नहीं खिला सकती थीक्या?शशि बोली - खाना तो बन गया था ,उनकी ट्रेन का टाइमहोने के कारण बिना खाये वे लोग चले गये।नितिन - माँ तो बोल रही थी कि तुमने खाना बनाया ही नहींथा तो वे कैसे खाते?शशि - मॉ कभी रसोई में आकर झॉकती भी है, जो उनको पताहो खाना बना है या नहीं? उसने गुस्सा से कहा।नितिन - सब तुम्हारी लापरवाही है, जो मेहमान बिना खानाखाये चले गये। तुमसे कभी भी टाइम पर खाना बनता ही नही, पतानही दिनभर