चेतन और अवचेतन मन

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सिगमंड फ्रायड के अनुसार मनुष्य का मन एक नहीं होता, बल्कि यह अलग-अलग स्तरों पर काम करता है। उन्होंने मन को तीन हिस्सों में समझाया—इदं, अहम् और पराअहम्। इन तीनों के बीच का संबंध ही हमारे सोचने, बोलने और व्यवहार करने के तरीक़े को तय करता है। इदं (Id )मनुष्य के जन्म के साथ ही सक्रिय हो जाता है। इसमें वे सारी इच्छाएँ होती हैं जो तात्कालिक सुख चाहती हैं। भूख लगे और तुरंत खाना चाहे, गुस्सा आए और उसी क्षण निकल पड़े, किसी चीज़ को देखकर लालसा जाग जाए—ये सब इदं की गतिविधियाँ हैं। इदं न सही-गलत जानता है,