चित्रकार का श्राप

चित्रकार का श्राप        लेखक: विजय शर्मा ऐरी, अजनाला, अमृतसर         पहाड़ों से घिरे एक छोटे से गाँव का नाम था रंगपुर. गाँव का नाम ही उसकी पहचान था. वहाँ के घरों की दीवारों पर रंग-बिरंगे चित्र बने रहते थे. हर त्योहार पर लोग अपने घरों को नए चित्रों से सजाते थे. उसी गाँव में एक युवक रहता था, जिसका नाम था आदित्य. वह इतना अद्भुत चित्रकार था कि लोग कहते थे, "उसके बनाए चित्रों में जान बसती है."आदित्य बचपन से ही प्रकृति का दीवाना था. वह घंटों नदी किनारे बैठकर पेड़ों, पक्षियों और बादलों को