रहस्यमयी मुखौटाभाग 1 – हँसी, रहस्य और एक अनोखी शुरुआतशिवपुर नाम का एक छोटा-सा कस्बा था। वहाँ रहने वाली 19 वर्षीय मीरा पूरे मोहल्ले की सबसे हँसमुख लड़की थी। उसकी सबसे बड़ी आदत थी कि वह हर मुश्किल में भी हँसी ढूँढ लेती थी।एक दिन कॉलेज जाते समय उसका दोस्त गोलू दौड़ता हुआ आया।"मीरा! बचाओ... बचाओ!"मीरा हँसते हुए बोली, "क्या हुआ? पीछे शेर पड़ गया क्या?""शेर नहीं... उससे भी खतरनाक!""क्या?""मेरी मम्मी... उन्होंने आज मुझे सब्ज़ी लेने भेज दिया है!"दोनों ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे।कॉलेज में उस दिन विज्ञान प्रदर्शनी लगी थी। सब अपने-अपने प्रोजेक्ट दिखा रहे थे। तभी अचानक पूरे हॉल