"भाई यह मिठाई किस खुशी में " … .? ?? आमना बेगम भाई की लाई हुई ढेर सारी मिठाई पर एक हैरान सी नज़र डाल कर पूछने लगीं। शहरयार भी वहीं मौजूद था वह भी उनके यूं आने और इतनी मिठाई लाने का मक़सद समझ नही पा रहा था। "हां भई यह मिठाई तुम्हारे लिये है , तुम बैठो यहां सब बताता हूं "……असद साहब ने उन्हे बैठने का इशारा किया तो वह हैरान हैरान सी कुछ ना समझते हुए भाई के बराबर में बैठ गईं। "अनस की बात तय कर दी है अम्मां ने और घर की बात थी इसलिये ज़्यादा वक़्त भी