-------------स्टाफ रूम का माहोल अजीब सा हो गया था। चारू हैरत मु आर्दश को देख रहे थी। आर्दश ने अभी अभी उसे बताया था की न्यू ओनर उसके द्वारा ही स्वागत चाहते है। और पर्सनली मिलना चाहते है। " पर वो मुझसे क्यो मिलना चाहते है? और है कौन नया मालिक ? " , चारू ने भवे सिकोड ली।आर्दश ने कंधे उचका दिए। चारू ने चिढ कर उसकी बांह पर मुक्का जड दिया। आर्दश हँस दिया। तभी उसकी नजर चारू के गले मे पडे पैनडेंट पर पडी। वो चांदी की चैन जिसके अंत मे चांदी का ही अपराजिता का फुल बना