एक नज़र, एक कहानी - 3

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भाग 3 – खामोश नज़रेंउसकी मुस्कान देखने के बाद भी मेरा दिल अब तक शांत नहीं हुआ था। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा था कि माताजी ने मेरी प्रार्थना इतनी जल्दी सुन ली। शायद इसलिए कहते हैं कि अगर दुआ सच्चे दिल से माँगी जाए, तो उसका जवाब किसी न किसी रूप में ज़रूर मिलता है।कुछ देर बाद हम सब घर के अंदर चले गए। वहाँ सभी रिश्तेदार एक-दूसरे से मिल रहे थे। घर मेहमानों से भरा हुआ था। मम्मी, मामा और बाकी सब लोग बातचीत में इतने व्यस्त हो गए कि किसी को समय का पता ही