️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaसुबह के ठीक 3:00 बजे... पूरा महल गहरी नींद में डूबा हुआ था।लेकिन अर्जुन की नींद अचानक टूट गई।"नहीं... माँ!!" वो हाँफते हुए बिस्तर पर उठ बैठा। उसकी साँसें तेज़ चल रही थीं। माथे पर पसीने की बूँदें चमक रही थीं, जैसे अभी-अभी कोई भयानक सपना देखकर लौटा हो। उसने कुछ पल अपनी साँसों को संभालने की कोशिश की।फिर उसकी नज़र सामने टँगे कैलेंडर पर गई।15 नवंबर। उसकी आँखें कुछ पल के लिए वहीं ठहर गईं।आज...माँ की पुण्यतिथि थी। उसने आँखें बंद कर लीं।बरसों बीत चुके थे...लेकिन उस तारीख़ का दर्द आज भी उतना ही ताज़ा था।एक