अधूरी मोहब्बत: दो दुनिया - भाग 13

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**भाग तेरह: दवा का असर और गहराता सस्पेंस**हवेली के बाहर डॉक्टर मल्होत्रा की गाड़ी के टायर चीखते हुए रुके। राजेश खुद दौड़कर उन्हें सीढ़ियों से ऊपर पल्लवी के कमरे में लेकर आए। कमरे के अंदर का माहौल किसी आईसीयू (ICU) जैसा गंभीर हो चुका था। सुमन पल्लवी का हाथ पकड़े लगातार रोए जा रही थीं और रोहन एक कोने में खामोश खड़ा था।डॉक्टर मल्होत्रा ने तुरंत अपना स्टेथस्कोप निकाला और पल्लवी की नब्ज़ जांची। उन्होंने उसकी आँखों की पुतलियों को देखा और फिर उसके टखने पर आई उस मोच का मुआयना किया। पूरे पांच मिनट तक कमरे में सिर्फ डॉक्टर