---------------उलझन 42-----------अखाडो के उच्च अधिकारी जो अखाडो को चलाते थे आज वो महान संत मुनि श्रेष्ठ के पास बैठे थे। " बात वही पोलिस की चल रही थी। " उन मे किर्पा जी भी थे... उनके चार शिशे थे। ऐसे ही पंद्रहा अखड़ाओ को चलाने वाले उच्च कोटि के पोलिस की गुहार लगाने आये थे। संत मुनि श्रेष्ठ कुछ बोले " धर्म नहीं रोकता कानून को, ऐडन्टी होना एक सफल प्रयास है।" सिवल ड्रेस मे चार उच्च कोटि के पोलिस की क्राइम ब्राँच के आदमी बैठे थे। उनमे बहुतो ने कहा " योगी या साधु की अड़ेंटी तो जरुरी है,