अधूरी मोहब्बत: दो दुनिया - भाग 8

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**भाग आठ: एक बाप की चेतावनी**कबीर अभी उस आलीशान ड्रॉइंग रूम के बीचों-बीच खड़ा ही था कि हवेली का वह भारी सन्नाटा एक भयंकर गूंज से टूट गया। इससे पहले कि रोहन या सुमन कुछ बोल पाते, पल्लवी के पिता राजेश किसी घायल शेर की तरह आगे बढ़े। उनका चेहरा गुस्से, डर और एक पिता की बेबसी से एकदम सुर्ख लाल हो चुका था।बिना एक पल की देरी किए, राजेश ने अपने दोनों कांपते हुए, लेकिन मज़बूत हाथों से कबीर की उस पुरानी सूती शर्ट का कॉलर पूरी ताकत से जकड़ लिया। उनकी उंगलियों की नसें साफ़ तन गई थीं।"क्या