पल्लवी के मुँह से निकली उस कांपती हुई आवाज़—"मेरा हाथ छोड़ दो"—के बाद, सड़क के उस किनारे पर छाई खामोशी कुछ सेकंड और ठहरी। फिर अचानक, ग्रुप के सबसे शरारती लड़के, रोहन ने एक ज़ोरदार नकली खांसी की।"अरे भाई कबीर, क्या बात है! एकदम साउथ की फिल्मों वाले हीरो की तरह एंट्री मारी है तूने आज। बेचारे बाइक वाले की तो रूह ही कांप गई होगी तेरी ये शक्ल देखकर!" रोहन के इतना कहते ही, वहां मौजूद सारे दोस्तों का वो दबा हुआ ठहाका एक साथ फूट पड़ा।उस हंसी ने उस भारी, दमघोंटू और अजीब सी नर्वसनेस को एक झटके